क्या प्यार में आप किसी को अपना दिल दे चुके हैं? अगर हां, तो एक बात और
गौर कीजिए। वैज्ञानिकों के मुताबिक प्यार में इंसान दिल ही नहीं, दिमाग भी
दे बैठता है
सायराक्यूज यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं के मुताबिक प्यार में दिल की तरह दिमाग भी अहम भूमिका निभाता है। शोधकर्ताओं ने पूर्व में प्यार को समझने के लिए मस्तिष्क पर हुए शोधों का भी विश्लेषण किया। उन्होंने पाया कि किसी को चाहने के दौरान दिमाग के 12 क्षेत्र एक साथ काम करते हैं।
रमुख शोधकर्ता स्टेपहेनी आर्टीग्यू के मुताबिक किसी के प्यार में पड़ने में एक सेंकेंड का पांचवा हिस्सा लगता है। शोधकर्ताओं ने पाया जब कोई व्यक्ति किसी के प्यार में पड़ता है, तो मस्तिष्क के विभिन्न हिस्से कई रसायन जैसे ऑक्सीटोसिन (इन्हें 'लव हार्मोन' भी कहते हैं), एडरनालीन और वासोप्रैसिंग स्रावित करते हैं, जो आक्रामकता का कारण होते हैं। अन्य शोधों के मुताबिक रक्त में नर्व ग्रोथ फैक्टर नामक प्रोटीन मस्तिष्क की कोशिकाओं के रखरखाव और अस्तित्व के लिए जिम्मेदार होता है।
प्यार एक पौधे जैसा होता है जिसे पनपने के लिए समय और सही खाद-पानी के पोषण की जरूरत होती है। यदि आप डेटिंग पर हैं तो जरा ठहर कर मन को शांति दें और किसी बिल्कुल पहले या अचानक मिलने वाले किसी व्यक्ति से जल्दबाजी में सम्बन्ध मत बनाएं। आप अनेक बार डेटस पर जा सकते हैं, यह जानने के लिए कि कौन सा व्यक्ति 'ठीक' आपके लिए बना है। कभी भी यह सोचकर प्यार में समझौता मत करें कि आपकी उम्र निकली जा रही है या आप युवा हैं और आपकी हमजोली के हर शख्स का कोई न कोई पार्टनर है। यदि आप लम्बी अवधि का सम्बन्ध बनाना चाहते हैं तो आपके पास अपनी ज़रूरतों और सम्बन्ध की प्रकृति के बारे में कुछ तयशुदा विचार ज़रूर होने चाहिए जैसे आप किस तरह के सम्बन्ध की खोज कर रहे हैं। शादी, परिवार और रूपए-पैसे के मामलों में समान विचार होना महत्वपूर्ण है। अब इन बेहद जिम्मेदाराना मसलों के बारे में किसी व्यक्ति का रवैया आपको चंद मुलाकातों में ही पता नहीं चल सकता। इसलिए सम्बन्ध को विकसित होने का समय दें क्योंकि इससे न केवल प्यार का अहसास बढ़ेगा जो सम्बन्ध को अधिक प्रगाढ़ बनाएगा बल्कि समान मूल्यों और विचारों वाला साथी भी मिलेगा।
सायराक्यूज यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं के मुताबिक प्यार में दिल की तरह दिमाग भी अहम भूमिका निभाता है। शोधकर्ताओं ने पूर्व में प्यार को समझने के लिए मस्तिष्क पर हुए शोधों का भी विश्लेषण किया। उन्होंने पाया कि किसी को चाहने के दौरान दिमाग के 12 क्षेत्र एक साथ काम करते हैं।
रमुख शोधकर्ता स्टेपहेनी आर्टीग्यू के मुताबिक किसी के प्यार में पड़ने में एक सेंकेंड का पांचवा हिस्सा लगता है। शोधकर्ताओं ने पाया जब कोई व्यक्ति किसी के प्यार में पड़ता है, तो मस्तिष्क के विभिन्न हिस्से कई रसायन जैसे ऑक्सीटोसिन (इन्हें 'लव हार्मोन' भी कहते हैं), एडरनालीन और वासोप्रैसिंग स्रावित करते हैं, जो आक्रामकता का कारण होते हैं। अन्य शोधों के मुताबिक रक्त में नर्व ग्रोथ फैक्टर नामक प्रोटीन मस्तिष्क की कोशिकाओं के रखरखाव और अस्तित्व के लिए जिम्मेदार होता है।
प्यार एक पौधे जैसा होता है जिसे पनपने के लिए समय और सही खाद-पानी के पोषण की जरूरत होती है। यदि आप डेटिंग पर हैं तो जरा ठहर कर मन को शांति दें और किसी बिल्कुल पहले या अचानक मिलने वाले किसी व्यक्ति से जल्दबाजी में सम्बन्ध मत बनाएं। आप अनेक बार डेटस पर जा सकते हैं, यह जानने के लिए कि कौन सा व्यक्ति 'ठीक' आपके लिए बना है। कभी भी यह सोचकर प्यार में समझौता मत करें कि आपकी उम्र निकली जा रही है या आप युवा हैं और आपकी हमजोली के हर शख्स का कोई न कोई पार्टनर है। यदि आप लम्बी अवधि का सम्बन्ध बनाना चाहते हैं तो आपके पास अपनी ज़रूरतों और सम्बन्ध की प्रकृति के बारे में कुछ तयशुदा विचार ज़रूर होने चाहिए जैसे आप किस तरह के सम्बन्ध की खोज कर रहे हैं। शादी, परिवार और रूपए-पैसे के मामलों में समान विचार होना महत्वपूर्ण है। अब इन बेहद जिम्मेदाराना मसलों के बारे में किसी व्यक्ति का रवैया आपको चंद मुलाकातों में ही पता नहीं चल सकता। इसलिए सम्बन्ध को विकसित होने का समय दें क्योंकि इससे न केवल प्यार का अहसास बढ़ेगा जो सम्बन्ध को अधिक प्रगाढ़ बनाएगा बल्कि समान मूल्यों और विचारों वाला साथी भी मिलेगा।
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